August 30, 2025

बड़ी खबर… नगला पालिका के ऐतिहासिक चुनाव में अस्तित्व बचाना सबसे बड़ा मुद्दा ! नगला बचाओ संघर्ष समिति की भूमिका अहम,दांव पर बेहड़ और शुक्ला की साख,

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नगला।स्थानीय निकाय चुनाव में नगला नगर पालिका परिषद के लिये पहली बार हो रहे चुनाव में भाजपा की ओर से अध्यक्ष पद के लिये ताल ठोक रहे युवा प्रत्याशी सचिन शुक्ला की चुनावी राह बेहद आसान मानी जा रही है।शुक्ला के समर्थन में नगला बचाओ संघर्ष समिति ने भी चुनावी समर में बखूबी मोर्चा संभाला। दरअसल हल्द्वानी-बरेली हाईवे के किनारे बसे नगलावासियों को अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ने के लिये कुछ लोगों द्वारा एक जनहित याचिका कई वर्ष पूर्व दायर की गई थी।याचिका के बाद से ही नगला वासियों के सिर पर निरंतर विस्थापन की तलवार लटकने लगी थी।किच्छा से दो बार विधायक रहे राजेश शुक्ला ऐसी विषम परिस्थितियों के बीच नगला के सैकड़ों परिवारों के लिये मानो संकटमोचन बनकर सामने आये।कोर्ट के आदेश के बाद जब नगलावासी उजड़ने की आशंका के बीच खुद को असहाय महसूस कर रहे थे तब पूर्व विधायक शुक्ला ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए नगलावासियों को उजड़ने से बचाने के लिये एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया।तत्कालीन वन मंत्री समेत प्रदेश सरकार से जुड़े जिम्मेवार अधिकारियों के सामने उन्होंने नगलावासियों का पक्ष बेहद मजबूती के साथ रखा।नगला बचाओ संघर्ष समिति पदाधिकारियों के साथ शुक्ला की कड़ी मेहनत आखिरकार रंग लाने लगी।न्यायालय में याचिका पर सुनवाई के बीच ही नगलावासियों के लिये उस समय खुशियों के दरवाजे से खुल गये जब शुक्ला के प्रयासों के फलस्वरूप राज्य सरकार द्वारा नगला को नगर पालिका घोषित करने का शासनादेश जारी कर दिया गया।उल्लेखनीय है कि किसी भी ब्लॉक,जिला पंचायत एवं पालिका क्षेत्र के अधीन ना होने के चलते नगला के सैकड़ों परिवार कई दशकों से केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के लाभ से सर्वथा वंचित थे।नगर पालिका परिषद की घोषणा के बाद पहली बार नगला में स्थानीय निकाय चुनाव की भी घोषणा कर दी गई।वर्तमान स्थानीय चुनाव में नगला के कुल 2811 मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे।सात वार्डों में से वार्ड संख्या 6 में गोपाल जोशी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं जबकि शेष छह वार्डों में सभी प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी ताकत झोंक रखी है।अध्यक्ष पद के लिये निर्दलीय प्रत्याशी विक्रम सिंह महोड़ी चुनावी मैदान में हैं तो वहीं भाजपा की ओर से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के भतीजे सचिन शुक्ला ने ताल ठोक रखी है।यदि बात करें चुनावी मुद्दों की तो नगला में सबसे बड़ा मुद्दा नगला के अस्तित्व को बचाना माना जा रहा है।हालांकि जिले की सबसे छोटी नगर पालिका होने के चलते चुनाव में नगला पर मीडिया का फोकस कोई खास नहीं रहा लेकिन न्यूूज खरी-खरी की टीम ने जब नगलावासियों का मन टटोला तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।दरअसल निर्दलीय प्रत्याशी विक्रम सिंह महोड़ी की चुनावी नईया को पार लगाने के लिये किच्छा से वर्तमान विधायक तिलक राज बेहड़ ने खासी ताकत लगा रखी है जबकि सचिन शुक्ला के चाचा पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने भी नगला के चुनाव को अपनी साख से जोड़ लिया है।उल्लेखनीय है कि किच्छा से दो बार विधायक रहे राजेश शुक्ला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित ढंग से कांग्रेस प्रत्याशी तिलकराज बेहड़ से चुनाव हार गये थे।नगला पालिका चुनाव में भतीजे सचिन की जीत से राजेश शुक्ला के सामने विधानसभा चुनाव में हार का बदला लेने का भी बड़ा मौका है।न्यूज खरी-खरी ने जब नगला के मतदाताओं से बात की तो अधिकांश ने नगला बचाने के लिये शुक्ला परिवार के प्रति अपनी कृतज्ञता जताई।नगला नगर पालिका क्षेत्र के 2811 मतदाताओं में से लगभग 1700 मतदाता पूर्वांचल/देसी समाज से हैं जबकि शेष मतदाता पर्वतीय,मुस्लिम व अनुसूचित वर्ग से हैं।नगला बचाओ संघर्ष समिति ने भी शुक्ला का अहसान चुकाने के लिये प्रचार के दौरान भगवा चोला ओढ़ लिया और एक तरह से सचिन शुक्ला के चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथों में ले रखी थी।समिति अध्यक्ष महेन्द्र कुमार वाल्मीकि ने कहा कि जिस तरह से शुक्ला ने नगला के अस्तित्व को बचाने के लिये अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी उसे नगलावासियों के अलावा उनकी आने वाली पीढ़ियां भी हमेशा याद रखेंगी।शिक्षाविद डा० उमेश चंद्र जोशी के मुताबिक सैकड़ों नगलावासी जब खुद के उजड़ने के डर से बुरी तरह सहमे हुए थे तब शुक्ला ने ही दुःख की घड़ी में आगे बढ़कर उनके आंसू पोंछने का काम किया था।रतन सिंह परिहार ‘ सन्यासी बाबा ‘ ने कहा कि नगला पालिका के पहले और ऐतिहासिक चुनाव में शुक्ला को निर्विरोध जिताकर एक आदर्श मिसाल साबित करने का मौका था लेकिन कुछ लोगों की संकीर्ण सोच के कारण ऐसा नहीं हो पाया।शुक्ला के समर्थन में महिलाओं ने भी चुनाव प्रचार में बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका निभाई।एक महिला हेमा ने कहा कि आज नगलावासी उज्जवल और सुरक्षित भविष्य के लिये शुक्ला से ही एकमात्र उम्मीद लगा रहे हैं।वरिष्ठ समाजसेवी नारायण सिंह ने दावा किया कि भाजपा प्रत्याशी सचिन शुक्ला की भारी जीत के लिये नगलावासी पूरी तरह से लामबंद हैं।वरिष्ठ व्यापारी अनिल वर्मा के मुताबिक नगला के सभी व्यापारी अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिये पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का अहसान कभी नहीं नहीं भुला सकते हैं।बहरहाल नगला नगर पालिका परिषद के लिये पहली बार हो रहे स्थानीय निकाय चुनाव में नगला के मतदाता काफी उत्साहित देखे गये।आगामी 25 जनवरी को आने वाले चुनाव परिणाम के बाद पता चलेगा कि अध्यक्ष पद पर सचिन शुक्ला को जिताकर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला विगत विधानसभा चुनाव में अपनी हार का बदला ले पायेंगे या निर्दलीय प्रत्याशी को जिताकर किच्छा से वर्तमान विधायक तिलकराज बेहड़ अपने राजनीतिक कौशल का परिचय दे पायेंगे।

Lalit Kumar Sharma


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