जानिये कैसे…?खोटे सिक्के से हुई तराई के शेर की फ़जीहत,भावुक बेहड़ ने समर्थकों से मांगी माफी, पुलिस ने तीन फर्जी हमलावर दबोचे,कप्तान ने किये कई चौंकाने वाले खुलासे,








रुद्रपुर।पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व किच्छा से वर्तमान कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ को आज अपने ही पुत्र की एक कारगुजारी के चलते सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।दरअसल विगत 18 जनवरी की देर शाम वार्ड संख्या 39 से कांग्रेस पार्षद व विधायक बेहड़ के पुत्र सौरभ बेहड़ के साथ आवास विकास स्थित घर के पास ही दोपहिया सवार तीन युवकों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया था।सौरभ की स्कूटी गिरी हुई थी और वो सडक पर बेहोशी की हालत में मिले थे।आनन-फानन में सौरभ को उपचार के लिये एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया जहां आईसीयू में उन्हें भर्ती कर उनका इलाज शुरु हुआ।विधायक बेहड़ के पुत्र से मारपीट का पता चलते ही उनके समर्थकों में उबाल आ गया।विधायक के सोशल मीडिया पर आह्वाहन के बाद बीते मंगलवार को उनके आवास पर सैकड़ों समर्थक व कांग्रेस कार्यकर्ता जुट गये।वहीं पुलिस की कई टीमें भी सर्विलांस व सीसीटीवी की मदद से हमलावरों की शिनाख्त में जुट गई थीं।एक तरफ जहां पुलिस उक्त हाईप्रोफाइल मामले की तह तक जाने की कोशिशें कर रही थी तो वहीं विधायक बेहड़ ने तय मियाद तक हमलावरों की गिरफ्तारी ना होने पर एसएसपी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने का एलान कर दिया।व्यापारी नेताओं ने भी शहर की खराब कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए बाजार बंद की धमकी दे डाली।मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब बृहस्पतिवार की सुबह अचानक विधायक बेहड़ ने प्रेस वार्ता की घोषणा कर दी।मीडिया कर्मियों को अंदेशा था कि बुधवार की शाम को खुलासे की मियाद पूरी होने के बाद संभवतः वे पुलिस के खिलाफ किसी नये आंदोलन या रणनीति का एलान करेंगे।सभी मीडिया कर्मियों के कैमरा,रोल कहते ही विधायक बेहड़ ने जब बोलना शुरु किया तो चंद पलों में ही माहौल एकदम से बदल गया।लाइव कवरेज के दौरान ही उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पुत्र सौरभ ने पत्नी से चल रहे विवाद के चलते सिंपेथी बटोरने की मंशा से अपने मित्र इंदर नारंग के साथ खुद पर हमला करवाने का षड्यंत्र रचा था।बेहड़ ने सौरभ को खोटा सिक्का बताते हुए दावा किया कि वे उसकी हरकतों और चाल-चलन के चलते पूर्व में ही उसे बेदखल कर चुके हैं।बेहड़ के मुताबिक उनके द्वारा समर्थकों के साथ मिलकर मामले के खुलासे के लिये जो दबाव बनाया गया उसके लिये वे शर्मिंदा हैं।विधायक ने पुलिस,कांग्रेस कार्यकर्ता व अन्य समर्थकों से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में अपने पुत्र सौरभ से कोई भी वास्ता ना रखने का भी एलान किया।लगभग 6 मिनट तक चली विधायक बेहड़ की प्रेस वार्ता के तुरंत बाद वे फफक-फफककर रोने लगे जिसके बाद वहां मौजूद मीडियाकर्मी व उनके समर्थकों ने उन्हें ढांढस बंधाया।



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कप्तान क्या बोले…!
विधायक तिलकराज बेहड़ की प्रेस वार्ता के चंद घंटे बाद शुरु हुई एसएसपी मणिकांत मिश्रा की पूर्व निर्धारित प्रेस वार्ता में पता चला कि सौरभ मारपीट प्रकरण में साजिशकर्ता इंदर नारंग ने वारदात को अंजाम देने के लिये अपने तीन अन्य साथी आदर्श कालोनी घासमंडी निवासी वंश कुमार,बादशाह खान व नारायण कालोनी,ट्रांजिट कैम्प निवासी दीपक सिंह की भी मदद ली थी।कप्तान के मुताबिक इंदर वैगनार कार में सवार था जबकि उसके तीनों साथी वारदात के समय मोटरसाइकिल पर सवार थे।उन्होंने बताया कि सौरभ के साथ चंद सैकेण्ड की फर्जी मारपीट के बाद आरोपी सिडकुल-नैनीताल मार्ग की ओर फरार हो गये।एक आरोपी ने बाईक को अपनी ससुराल में छिपा दिया फिर वैैगनार कार द्वारा उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में इंदर ने मदद की।एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सौरभ बेहड़ के साथ मारपीट मामले के बाद से ही एसपी क्राइम नीहारिका तोमर के नेतृत्व में एसओजी व ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस समेत कई टीमें पड़ताल में जुटी थीं।कप्तान ने बताया कि बुधवार की शाम को कैंप थाना पुलिस सिडकुल मार्ग नई बस्ती मोड़ के पास चैकिंग अभियान चला रही थी कि तभी बिना नंबर प्लेट की मोटर साईकिल पर सवार तीन युवक पुलिस को देख घबरा गये और भागने की कोशिश करने लगे।मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने संदेह के आधार पर तीनों को हिरासत में ले लिया।पूछताछ के दौरान उन्होंने खुद को सौरभ बेहड़ मारपीट मामले से जुड़ा बताया।तलाशी में उनके पास से क्रमशः 12 व 315 बोर के दो तमंचे,एक जिंदा कारतूस व चाकू भी बरामद हुए हैं।पुलिस के मुताबिक सभी हथियार चालू हालत में हैं।पुलिस ने सभी आरोपियों को बीएनएस की सुसंगत धाराओं मे अभियोग पंजीकृत करने के बाद जेल भेज दिया है।
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कप्तान मिश्रा ने दिखाया चट्टानी हौसला !
वरिष्ठ कांग्रेस विधायक बेहड़ के पुत्र के साथ मारपीट जैसे हाईप्रोफाइल मामले के शीघ्र खुलासे को पुलिस पर खासा दबाव था।एसएसपी मणिकांत मिश्रा पर बेहड़ के अलावा सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण को लेकर विपक्ष लगातार उंगलियां उठा रहा था।ऐसे में सौरभ मामले को अपने लिये चुनौती समझते हुए कप्तान के आदेश पर एसपी क्राइम नीहारिका तोमर,2 सीओ,एसओजी,रुद्रपुर,ट्रांजिट कैंप,पंतनगर के अलावा किच्छा थाना पुलिस को मिलाकर कुल 124 अधिकारियों व पुलिस के जवानों ने कई दर्जन सीसीटीवी फुटेज खंगालने,मोबाईल सर्विलांस के अलावा मैनुअली जांच में दिन-रात एक कर दिया।सूत्रों के मुताबिक जैसे ही बुधवार की शाम को पता चला कि सौरभ ने खुद ही मारपीट मामले का मायाजाल रचा तो बिगड़ी कानून व्यवस्था का आरोप लगाकर पुलिस को गरियाने वालों को मानो सांप सूंघ गया।सोशल मीडिया पर विधायक बेहड़ के दरबार में नंबर बनाने की गरज से पुलिस के खिलाफ दहाड़ने वालों का मोबाईल रातों-रात अचानक ऑफ मोड में चला गया।बताया तो ये भी जाता है कि बीती देर रात तक पुलिस कप्तान को शीशे में उतारने के कई प्रयास किये गये,यहां तक कि पुराने संबंधों का हवाला देकर देहरादून समेत कई स्थानों से सफेदपोशों व अधिकारियों से भी मान-मनुहार की गई लेकिन दूध का दूध और पानी का पानी करने का मन बना चुके एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कई तथाकथित लाइजनरों की कॉल तक रिसीव नहीं की।बहरहाल सौरभ बेहड़ मारपीट प्रकरण से पूरी तरह पर्दा तो हट गया लेकिन उक्त मामले में जहां कप्तान ने बिना दबाव के काम करने वाले अधिकारी की अपनी छवि को कायम रखा तो कई राजनीतिक हस्तियों को पता चल गया कि कल्याणी नदी में पिछले कई वर्षों में काफी पानी बह चुका है और पुराने दौर की राजनीति के दिन अब लद चुके हैं।






