जानिये…! कैसे सावन के पहले दिन शिवमय हुआ महानगर, भाजपा विधायक को जन्मदिन पर बधाइयों का तांतां,


रुद्रपुर।पवित्र सावन माह के पहले दिन जहां शिवालयों में शिव भक्तों का रेला उमड़ा था तो वहीं भाजपा विधायक शिव अरोरा के जन्म दिन पर पूरे महानगर को बधाई संदेशों से लकदक फ्लैक्सियों से पाट दिया गया।बृहस्पतिवार की सुबह जब महानगरवासी सोकर उठे तो सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म विधायक को जन्मदिन के बधाई संदेशों से भरे पड़े थे,वहीं शहर के सभी मार्गों पर भी कमोबेश यही स्थति थी।नैनीताल-दिल्ली हाईवे,काशीपुर बाईपास,किच्छा बाईपास,ट्रांजिट कैंप,बगवाड़ा समेत विभिन्न बस्तियों व प्रमुख कालोनियों को क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा को उनके जन्म दिन पर बधाई संदेश वाली फ्लैक्सियों से पाट दिया गया था।रुद्रपुर के इतिहास में किसी भी जनप्रतिनिधि को इतने सुनियोजित व बड़े पैमाने पर जन्म दिन की बधाई देने का संभवतः ये पहला अवसर था।बृहस्पतिवार की सुबह से ही विधायक शिव को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत प्रदेश की राजनीतिक हस्तियों के शुभकामना संदेश मिलने लगे थे।महानगर की मलिन बस्तियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी विधायक के जन्म दिन को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारियां कई दिन पहले से ही शुरु हो गई थीं।29 जुलाई की शाम को महानगर के बींचों-बीच स्थित पांच मंदिर में सुंदर काण्ड के पाठ के साथ ही शिव अरोरा के जन्म दिन समारोह की शुरुआत हो गई थी।30 जुलाई को उनके जन्म दिन की तिथि पर विभिन्न धार्मिक आयोजन व सभाओं के माध्यम से विधायक अरोरा की दीर्घायु की कामना की गई।कहीं उन्हें तलवार भेंट की गई,कहीं हवन का आयोजन किया गया,कहीं उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया गया तो कहीं मातृ शक्ति ने उन्हें अपने आशीर्वाद से नवाजा।कुल मिलाकर 2027 की चुनावी बेला आने से पहले विधायक शिव अरोरा के जन्म दिन समारोहों के माध्यम से स्पष्ट होने लगा है कि जो राजनीतिक पंडित अरोरा के थकने,चुकने और संभावना हीन होने की अटकलें लगा रहे थे उन्हें एक बार फिर अपने अनुमानों की समीक्षा करनी चाहिये।विधायक शिव अरोरा के जन्म दिन को एक प्रकार से उनके शक्ति प्रदर्शन से भी जोड़ा जा रहा है।खास तौर से महानगर में जिस प्रकार से लगातार उनको कमतर करने व लोकप्रियता के ग्राफ को रसातल में पहुंचाने सम्बंधी दुष्प्रचार किये जा रहे थे,विधायक के जन्म दिन के निमित्त सुनियोजित व बड़े पैमाने पर आयोजित समारोहों से उनकी मुहिम को एक बड़ा धक्का लगा है।विधायक शिव अरोरा ने पुनः अपनी कुशल प्रबंधन क्षमता का प्रदर्शन करके एक प्रकार से अपने विरोधियों को एक कड़ा संदेश तो दे ही दिया है।






