बड़ी खबर…! गोदाम स्वामी राजेश जैन समेत तीन के खिलाफ एक्शन मोड में पुलिस,एनसीईआरटी की नकली किताब मामले में मुकदमा दर्ज,


रुद्रपुर।बड़ी खबर रुद्रपुर से है जहां नकली एनसीईआरटी की बरामद किताबों से भरे गोदाम मामले में पुलिस ने एनसीईआरटी की टीम के मौका मुआयना करने के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।दरअसल बीती 14 मार्च की देर रात रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने सूचना मिलने के बाद कीरतपुर क्षेत्र में एक गोदाम के परिसर से एनसीईआरटी की किताबों से लदा कैंटर जप्त किया था। 15 मार्च की सुबह जिला शिक्षाधिकारी हरेंद्र मिश्रा व तहसीलदार दिनेश खुटौला की उपस्थिति में कोतवाल मनोज रतूड़ी ने जब गोदाम के ताले तुड़वाये तो उसमें एनसीईआरटी छपी लाखों किताबों का ढेर मिला था।पुलिस प्रशासन की सूचना पर दिल्ली से आई एनसीईआरटी की टीम ने बरामद किताबों की बारीकी से छानबीन की तो उसमें अधिकांश किताबें प्रथमदृष्ट्या अनाधिक्रत प्रकाशन से छपी हुई पाई गई थीं।एनसीईआरटी की ओर से सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार से मिली तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने गोदाम स्वामी राजेश जैन उर्फ कालू निवासी गल्ला मंडी,संदीप कुमार पुत्र रामभुर सिंह निवासी मेरठ व शाहरुख के खिलाफ धारा 63,65 कॉपीराइट अधिनियम ( संशोधित ) 1957 व धारा 318 ( 4 ) 336 ( 3 ) 338,340 ( 2 ) बीएनएस 2023 के तहत अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरु कर दी है।गोदाम स्वामी राजेश जैन ने बताया कि विगत एक जनवरी से उन्होंने संदीप कुमार को गोदाम किराये पर दिया था।जैन के मुताबिक उन्हें पता नहीं था कि गोदाम में संदीप क्या स्टोर कर रहा है।उन्होंने गोदाम में नकली एनसीईआरटी किताबें रखे जाने की जानकारी होने से साफ तौर पर पल्ला झाड़ लिया।सूत्रों के मुताबिक जैन के गोदाम में एनसीईआरटी की नकली किताबें रखने वाले मेरठ निवासी संदीप कुमार की कुंडली खंगालने के लिये उच्च स्तर पर एक एसआईटी गठित की जा सकती है।पुलिस को अंदेशा है कि जिस बड़े पैमाने पर करोड़ों की कीमत वाली लगभग 10 लाख की संख्या में एनसीईआरटी की नकली किताबों का भंडारण किया गया था,इसमें किसी बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।बहरहाल एनसीईआरटी,पुलिस व शिक्षा विभाग ने बरामद किताबों के ढेर से वीडियोग्राफी के बीच कई किताबों की सेंपलिंग करते हुए कुछ किताबों को फोरेंसिक जांच के लिये भिजवा दिया है।




